तुम जाते-जाते 2020, हमको कोरोना दे गए

ओ कोरोना कभी ना आना


corona

जिंदगी में कब क्या हो जाए पता नहीं इसीलिए हर एक दिन ऐसे जियो जैसे कि आखिरी हो...मैं ये ज्ञान क्यों दे रही हूं यही सोच रहे हो ना? दरअसल आपको इसका एहसास तभी होता है जब आपने इसको महसूस किया हो...साल 2020 ने दस्तक ही कोरोनो से दी और फिर हमने इससे बचने के उपाय करने शुरू कर दिए...जिनमें से कुछ मेरी तरह भी थे जो कुछ ज्यादा ही ध्यान रखने लगे...क्योंकि भाई बात जिंदगी और मौत की थी तो कौन मौत चुनना चाहेगा...इतना ध्यान रखने लगी कि पति ने बोल दिया कि देखना तुम ही मुझे कोरोना दोगी...क्योंकि जो ज्यादा ध्यान देते हैं वही बीमार पड़ते हैं...ऐसा लग रहा था उस वक्त पति के जुबान पर सरस्वती जी विराजमान थी और यही हुआ।

फोटो देखने के लिए क्लिक करें- Holland वाली दीपावली

18 दिसंबर की रात से ही मुझे बुखार आना शुरू हुआ...बुखार कंपकंपी लगकर आता और पेरासीटामॉल खाने पर उतर जाता...इसी के साथ सिरदर्द भी तेज था...सीने में ऐसा लग रहा था जैसे कोई घाव हो...क्योंकि मुझे साइनस है तो मुझे लगा दुबारा से साइनस हो गया...बुखार शनिवार और रविवार तक भी नहीं ठीक हुआ तो कोरोना टेस्ट कराने की सोची...कॉल किया और अप्वाइंटमेंट ले ली...जब टेस्ट कराकर आए तो बुखार आना बंद हो गया लेकिन सूंघने की शक्ति जा चुकी...

वहीं मेरे पति को भी उसी रात तेज बुखार आ गया.... मुझे हल्की खांसी आनी भी शुरू हो चुकी थी...दिमाग में अजीब सी तरंगे जाती ऐसा लगता कि कुछ गूंज रहा हो...क्योंकि मंगलवार तक कॉल नहीं आई तो हमें लगा सिर्फ जुकाम है...लेकिन मेरे सीने में भारीपन शुरू हो चुका था...सोते वक्त उलझन थी...बुधवार को सुबह नौ बजे ही कॉल आ गई कि मुझे कोरोना हो गया है...दिल बैठ सा गया ये खबर सुनकर..डर ये था कि मेरी वजह से पति को भी हो चुका है...


हमारे डॉक्टर ने हमें घर में ही रहने की सलाह दी और बुखार आने पर पेरासीटामॉल खाने को कहा...घर में मां को बताया तो वो रोने लगीं...जितने भी देवता थे सबसे मन्नतें मांग ली...क्योंकि भारत में रहकर इससे ज्यादा वो कुछ कर भी नहीं सकती थी...सबने सलाह दी कि विटामिन सी लो, काढ़ा पियो, भाप लो, गर्म पानी पियो...और सबसे जरूरी बात...हमेशा खुश रहो....अब मैं आपको बताती हूं कि मेरे कोरोना के लक्षण क्या थे...

लक्षण-


-ठंड लगकर बुखार आना.

-बंद नाक.

-सीने में भारीपन (ऐसा लगना जैसे किसी ने सीने पर कोई भारी सामान रख दिया हो).

-सोते वक्त घबराहत और उलझन.

-सिर और कान में दर्द.

-सूंघने की क्षमता खो देना.

-हद से ज्यादा कमजोरी.

-दिमाग में अजीब सी गूंज आना.

-होंठो में सूखापन.

-पूरे शरीर में दर्द.

तो ये थे मेरे लक्षण

अब बात करें कि इसका मानसिक क्या असर है...

जबतक मैं बीमार थी मुझे खुद के लिया इतना डर नहीं था लेकिन जब पति की भी तबियत खराब हुई तो लगा कि मेरी वजह से किसी और को भी झेलना पड़ रहा है...खैर हम दोनों एक दूसरा का सहारा बने और एक दूसरे को खुश रखने और हंसाने की कोशिश में लगे रहते क्योंकि यहां आपको मनोबल की बहुत जरूरत होती है...घर से लगातार फोन पर हालचाल होता रहता...रात में ज्यादा दिक्कत होती हम रात में बीच-बीच में उठकर एक दूसरे का हाल चाल लेते रहते...कॉमेडी मूवी देखते...लेकिन डर एक कोने में बैठकर याद दिलाता रहता कि हमें कोरोना हुआ है...एक बात है बाकि सब सपने होते हैं अपने तो अपने होते हैं...दोस्ती यारी सब कॉलेज और ऑफिस तक ही सीमित होती है...जब वाकई में आपको उनकी जरूरत होती है तो वो आपसे कन्नी काटने लगते हैं...तो ऐसे हालात में उन दोस्तो को ही फोन करें जो आपका मनोबल बढ़ाएं ना कि आपको ये जताने लगें कि अब आप मरने वाले हैं...बाकि योग से भी मन शांत होता है...तो दिन में एक बार योग करने से हमें मानसिक शक्ति भी मिली।

यहां पर आठ जनवरी से वैक्सीनेसन शुरू हो जाएगी...मैं यही सोचती कि बस तब तक मैं कोरोना से बच जाऊं लेकिन कहते हैं ना होगा वही जो राम ने लिखा है...खैर अब कोरोना हो गया तो हो गया कैसे हुआ ये तो पता नहीं लेकिन मेरी वजह से किसी और को ना हो इसीलिए हम दोनों घर में ही रहे और एक एक दिन गिन रहे थे...27 दिसंबर से मुझे इत्र वगेहरा की खुसबू आने लगी...लेकिन अभी भी कमजोरी महसूस होती है...

मेरा इलाज-


-जैसे ही बुखार आए सबसे पहले पेरासीटामॉल लिया. 

-दिन में तीन बार पानी में दो चुटकी अजवाइन डालकर भाप.

-तीन बार गर्म पानी पीना, बाकी समय नॉर्मल पानी पीना.

-दो बार गर्म पानी में नमक डालकर गरारे किए..

-सीने में दर्द होने पर सिकाई की.

-दिन में एक बार काढ़ा पिया.

-रात में हल्दी वाला दूध पिया.

-सादा खाना खाना. 

-योगा

ये सब जो हम नॉर्मल सर्दी जुखाम होने पर भी करते हैं।

आखिरी में इतना ही कहूंगी कि अगर कोरोना हो तो डरकर नहीं बल्कि डटकर मुकाबला करें और अगर लक्षण बढ़ने लगे तो अपने डॉक्टर की सलाह लें और उसे मानें।


नोट- जो भी इलाज मैंने किया वो कोराना का इलाज नहीं ये सिर्फ घरेलू उपाय हैं जो आपका सर्दी जुखाम कम करते हैं। कोरोना के लक्षण आने पर तुरंत डॉक्टर से फोन पर संपर्क करें और टेस्ट कराएं। ये इतना पैनिक नहीं है जितना कि आपको बताया गया है।अगर सही समय पर टेस्ट कराकर अपना ख्याल रखना शुरू कर देंगें तो ये आपको मामूली सर्दी जुखाम की तरह ही लगेगा। बाकि घर में रहें स्वस्थ रहें।

0 Comments